गुजराती कॉलेज का वार्षिकोत्सव 'सृजन 2025':समाज के 101 वर्ष पूरे होने पर नवरस थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
गुजराती कॉलेज का वार्षिकोत्सव 'सृजन 2025':समाज के 101 वर्ष पूरे होने पर नवरस थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
इंदौर के श्री जयंतीलाल हीराचंद संघवी गुजराती इनोवेटिव कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस और एन.एम.टी. गुजराती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिकोत्सव 'सृजन 2025' का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम श्री गुजराती समाज के 101 वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में नवरस थीम पर आधारित था। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और आधुनिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. प्रियंका मोक्षमार, शिवांगी शर्मा और जितेन्द्र मेहता की विशेष उपस्थिति रही। श्री गुजराती समाज के अध्यक्ष प्रदीपभाई शाह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज और मानद महामंत्री पंकजभाई संघवी भी उपस्थित थे। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन तृप्तिबेन दीपकभाई मोदी, नीताबेन प्रदीपकुमार शाह और आरतीबेन पटेल ने किया। डॉ. दीपिका कुलकर्णी और प्रोफेसर नेहा तुरखिया के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि गुजराती समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करने का माध्यम बना।
इंदौर के श्री जयंतीलाल हीराचंद संघवी गुजराती इनोवेटिव कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस और एन.एम.टी. गुजराती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिकोत्सव 'सृजन 2025' का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम श्री गुजराती समाज के 101 वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में नवरस थीम पर आधारित था। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और आधुनिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. प्रियंका मोक्षमार, शिवांगी शर्मा और जितेन्द्र मेहता की विशेष उपस्थिति रही। श्री गुजराती समाज के अध्यक्ष प्रदीपभाई शाह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज और मानद महामंत्री पंकजभाई संघवी भी उपस्थित थे। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन तृप्तिबेन दीपकभाई मोदी, नीताबेन प्रदीपकुमार शाह और आरतीबेन पटेल ने किया। डॉ. दीपिका कुलकर्णी और प्रोफेसर नेहा तुरखिया के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि गुजराती समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करने का माध्यम बना।