चंदोखा में मिट्टी से रेत बनाने से सड़क दलदल बनी:मवेशियों की मौत, टीकमगढ़ में नियमों की अनदेखी कर मिट्टी से रेत बना रहा एम-सैंड प्लांट
चंदोखा में मिट्टी से रेत बनाने से सड़क दलदल बनी:मवेशियों की मौत, टीकमगढ़ में नियमों की अनदेखी कर मिट्टी से रेत बना रहा एम-सैंड प्लांट
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ तहसील के चंदोखा गांव में एक एम-सैंड प्लांट ने नियमों की अनदेखी कर रहा है। जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर मड़खेरा ग्राम पंचायत के इस गांव में प्रतिभा जैन के नाम पर संचालित प्लांट को पत्थर से रेत बनाने की इजाजत मिली थी, लेकिन संचालक मिट्टी से रेत बना रहा है। प्लांट से निकलने वाला वेस्ट मटेरियल सैड़कों पर फैला गांव की मुख्य सड़क पर प्लांट से निकलने वाला वेस्ट मटेरियल फैलाया जा रहा है, जिससे रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। इससे न केवल ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि दलदल में फंसकर कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। स्थानीय निवासी सोबरन और संजय यादव ने बताया कि खदान में मुरम और पानी भरा रहता है, जिससे कीचड़ ओवरफ्लो होकर गांव के मुख्य मार्ग तक पहुंच रहा है। खदान से होने वाला वेस्ट खेतों तक पहुंच गया है। कल्लू यादव का खेत खदान से सटा हुआ है। उन्होंने बताया कि खदान का मलबा उनके खेत में बहकर आ रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। खनिज निरीक्षक कुलदीप जैन ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने ग्रामीणों को सागर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ तहसील के चंदोखा गांव में एक एम-सैंड प्लांट ने नियमों की अनदेखी कर रहा है। जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर मड़खेरा ग्राम पंचायत के इस गांव में प्रतिभा जैन के नाम पर संचालित प्लांट को पत्थर से रेत बनाने की इजाजत मिली थी, लेकिन संचालक मिट्टी से रेत बना रहा है। प्लांट से निकलने वाला वेस्ट मटेरियल सैड़कों पर फैला गांव की मुख्य सड़क पर प्लांट से निकलने वाला वेस्ट मटेरियल फैलाया जा रहा है, जिससे रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। इससे न केवल ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि दलदल में फंसकर कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। स्थानीय निवासी सोबरन और संजय यादव ने बताया कि खदान में मुरम और पानी भरा रहता है, जिससे कीचड़ ओवरफ्लो होकर गांव के मुख्य मार्ग तक पहुंच रहा है। खदान से होने वाला वेस्ट खेतों तक पहुंच गया है। कल्लू यादव का खेत खदान से सटा हुआ है। उन्होंने बताया कि खदान का मलबा उनके खेत में बहकर आ रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। खनिज निरीक्षक कुलदीप जैन ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने ग्रामीणों को सागर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।