रीवा में दो दिनों बाद मौसम खुला:कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को दिए निर्देश ; जलभराव वाली जगहों का करें निरीक्षण
रीवा में दो दिनों बाद मौसम खुला:कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को दिए निर्देश ; जलभराव वाली जगहों का करें निरीक्षण
रीवा में सोमवार और मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद बुधवार को मौसम खुला है। बुधवार सुबह से ही मौसम खुला रहा, जहां दोपहर होते-होते तेज धूप निकल आई। जानकारी के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश की वजह से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जल भराव हो गया था। लगातार भारी वर्षा के कारण मनगवां तहसील के ग्राम नदहा में भारी जल भराव हो गया था। जहां ग्रामीणों से सूचना मिलने पर राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से जल निकासी की व्यवस्था कराई। वही शहर के अधिकांश जगहों पर भी यही हाल थे। कॉलेज चौराहा,सिरमौर चौराहा, नेहरू नगर,तरहटी समेत जगह-जगह पर जल भराव देखने को मिला। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। ताकि दोबारा बारिश होने पर इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही व्यवस्थाएं और तैयारियां बेहतर की जा सके। उधर रीवा जिले में हो रही अतिवृष्टि से संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी अपने क्षेत्र का भ्रमण कर राहत संबंधी कार्यों की समीक्षा करें और वस्तु स्थिति से अवगत कराएं। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट रीवा में मौजूद बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे लोगों के लिए सक्रिय रखें। जगह-जगह से मिल रही सूचनाओं की तत्काल समीक्षा करें। वहीं राजस्व अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्रों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए।
रीवा में सोमवार और मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद बुधवार को मौसम खुला है। बुधवार सुबह से ही मौसम खुला रहा, जहां दोपहर होते-होते तेज धूप निकल आई। जानकारी के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश की वजह से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जल भराव हो गया था। लगातार भारी वर्षा के कारण मनगवां तहसील के ग्राम नदहा में भारी जल भराव हो गया था। जहां ग्रामीणों से सूचना मिलने पर राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से जल निकासी की व्यवस्था कराई। वही शहर के अधिकांश जगहों पर भी यही हाल थे। कॉलेज चौराहा,सिरमौर चौराहा, नेहरू नगर,तरहटी समेत जगह-जगह पर जल भराव देखने को मिला। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। ताकि दोबारा बारिश होने पर इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही व्यवस्थाएं और तैयारियां बेहतर की जा सके। उधर रीवा जिले में हो रही अतिवृष्टि से संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी अपने क्षेत्र का भ्रमण कर राहत संबंधी कार्यों की समीक्षा करें और वस्तु स्थिति से अवगत कराएं। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट रीवा में मौजूद बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे लोगों के लिए सक्रिय रखें। जगह-जगह से मिल रही सूचनाओं की तत्काल समीक्षा करें। वहीं राजस्व अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्रों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए।