7000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 8 माह से वेतन नहीं:जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारी परेशान, आंदोलन की चेतावनी
7000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 8 माह से वेतन नहीं:जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारी परेशान, आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विभाग के लगभग 7000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इन कर्मचारियों में स्थाई, दैनिक वेतन भोगी और अंशकालीन कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी स्कूल, हाईस्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल और बालक-बालिका छात्रावासों में कार्यरत हैं। लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ ने भोपाल में केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। इन कर्मचारियों ने कई बार विभाग के आयुक्त और अन्य अधिकारियों को पत्र और ज्ञापन के माध्यम से इस समस्या से अवगत कराया। पहले भी वेतन भुगतान में देरी हुई थी। तब एक दिवसीय आंदोलन के बाद वेतन का भुगतान किया गया था। कई कर्मचारी मुख्यालय से बाहर किराए के मकानों में रहते हैं। वेतन नहीं मिलने से उन्हें किराया देने और दैनिक खर्चों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। इससे वे मानसिक और सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। संघ के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि संघ के प्रतिनिधि वेतन भुगतान को लेकर आयुक्त एवं प्रमुख सचिव से बात कर रहे हैं, लेकिन वे वेतन व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दे रही हैं। केवल इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि वित्त विभाग में प्रकरण विचाराधीन है, शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विभाग के लगभग 7000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इन कर्मचारियों में स्थाई, दैनिक वेतन भोगी और अंशकालीन कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी स्कूल, हाईस्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल और बालक-बालिका छात्रावासों में कार्यरत हैं। लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ ने भोपाल में केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। इन कर्मचारियों ने कई बार विभाग के आयुक्त और अन्य अधिकारियों को पत्र और ज्ञापन के माध्यम से इस समस्या से अवगत कराया। पहले भी वेतन भुगतान में देरी हुई थी। तब एक दिवसीय आंदोलन के बाद वेतन का भुगतान किया गया था। कई कर्मचारी मुख्यालय से बाहर किराए के मकानों में रहते हैं। वेतन नहीं मिलने से उन्हें किराया देने और दैनिक खर्चों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। इससे वे मानसिक और सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। संघ के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि संघ के प्रतिनिधि वेतन भुगतान को लेकर आयुक्त एवं प्रमुख सचिव से बात कर रहे हैं, लेकिन वे वेतन व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दे रही हैं। केवल इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि वित्त विभाग में प्रकरण विचाराधीन है, शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।