अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंधों की आलोचना की
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंधों की आलोचना की
हेग, 7 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने शुक्रवार को अपने सदस्य देशों से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह कदम उसके स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक कार्य को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने प्रतिबंधों के संबंध में बृहस्पतिवार को कार्यकारी आदेश जारी किया। अमेरिका का कहना है कि उसे और उसके करीबी सहयोगी इजराइल को निशाना बनाने वाली अवैध और निराधार कार्रवाइयों के कारण उसने यह कदम उठाया है।
इस आदेश में पिछले साल गाजा में कथित युद्ध अपराधों के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का संदर्भ दिया गया।
हेग स्थित न्यायालय ने कहा कि वह इस कदम की निंदा करता है। न्यायालय ने एक बयान में कहा, न्यायालय अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा है और दुनिया भर में अत्याचारों के लाखों निर्दोष पीड़ितों को न्याय और उम्मीद प्रदान करना जारी रखने का संकल्प लेता है।
बयान में कहा गया, हम अपने 125 सदस्य देशों, नागरिक समाज और दुनिया के सभी देशों से न्याय और मौलिक मानवाधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हैं।
आदेश में कहा गया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कदम उठाएगा। कार्रवाई में संपत्ति पर रोक और आईसीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों और रिश्तेदारों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देना शामिल हो सकता है। कोषागार और विदेश विभाग यह निर्धारित करेंगे कि किन लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
मानवाधिकार समूहों ने भी अमेरिका के इस निर्णय की आलोचना की है।
ह्यूमन राइट्स वॉच की अंतरराष्ट्रीय न्याय निदेशक लिज इवेनसन ने एक बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकारियों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध दुनिया भर में सामूहिक अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए एक उपहार होगा। प्रतिबंध मानवाधिकार उल्लंघनकर्ताओं के लिए हैं, न कि उन लोगों के लिए जो अधिकारों का हनन करने वालों को जवाबदेह ठहराने का काम कर रहे हैं।
इवेनसन ने कहा, ट्रंप का कार्यकारी आदेश रूस की कार्यप्रणाली के समान है, जिसने न्यायाधीशों और अभियोजक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के माध्यम से अदालत के काम में बाधा डालने की कोशिश की है।
न्यायालय के अधिकारी महीनों से प्रतिबंधों से निपटने की तैयारी कर रहे थे। जनवरी में, न्यायालय ने कर्मचारियों को उनके तीन महीने के वेतन का अग्रिम भुगतान किया था। वहीं, प्रतिबंधों से बचने के प्रयास में ट्रंप के निर्वाचित होने के बाद से न्यायालय के कम से कम दो वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया।
नीदरलैंड ने भी ट्रंप के आदेश की आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय नीदरलैंड के हेग में स्थित है।(एपी)
हेग, 7 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने शुक्रवार को अपने सदस्य देशों से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह कदम उसके स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक कार्य को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने प्रतिबंधों के संबंध में बृहस्पतिवार को कार्यकारी आदेश जारी किया। अमेरिका का कहना है कि उसे और उसके करीबी सहयोगी इजराइल को निशाना बनाने वाली अवैध और निराधार कार्रवाइयों के कारण उसने यह कदम उठाया है।
इस आदेश में पिछले साल गाजा में कथित युद्ध अपराधों के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का संदर्भ दिया गया।
हेग स्थित न्यायालय ने कहा कि वह इस कदम की निंदा करता है। न्यायालय ने एक बयान में कहा, न्यायालय अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा है और दुनिया भर में अत्याचारों के लाखों निर्दोष पीड़ितों को न्याय और उम्मीद प्रदान करना जारी रखने का संकल्प लेता है।
बयान में कहा गया, हम अपने 125 सदस्य देशों, नागरिक समाज और दुनिया के सभी देशों से न्याय और मौलिक मानवाधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हैं।
आदेश में कहा गया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कदम उठाएगा। कार्रवाई में संपत्ति पर रोक और आईसीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों और रिश्तेदारों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देना शामिल हो सकता है। कोषागार और विदेश विभाग यह निर्धारित करेंगे कि किन लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
मानवाधिकार समूहों ने भी अमेरिका के इस निर्णय की आलोचना की है।
ह्यूमन राइट्स वॉच की अंतरराष्ट्रीय न्याय निदेशक लिज इवेनसन ने एक बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकारियों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध दुनिया भर में सामूहिक अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए एक उपहार होगा। प्रतिबंध मानवाधिकार उल्लंघनकर्ताओं के लिए हैं, न कि उन लोगों के लिए जो अधिकारों का हनन करने वालों को जवाबदेह ठहराने का काम कर रहे हैं।
इवेनसन ने कहा, ट्रंप का कार्यकारी आदेश रूस की कार्यप्रणाली के समान है, जिसने न्यायाधीशों और अभियोजक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के माध्यम से अदालत के काम में बाधा डालने की कोशिश की है।
न्यायालय के अधिकारी महीनों से प्रतिबंधों से निपटने की तैयारी कर रहे थे। जनवरी में, न्यायालय ने कर्मचारियों को उनके तीन महीने के वेतन का अग्रिम भुगतान किया था। वहीं, प्रतिबंधों से बचने के प्रयास में ट्रंप के निर्वाचित होने के बाद से न्यायालय के कम से कम दो वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया।
नीदरलैंड ने भी ट्रंप के आदेश की आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय नीदरलैंड के हेग में स्थित है।(एपी)