इंदौर में दो दिनी एक्यूपंक्चर कॉन्फ्रेंस शुरू:देशभर के एक्सपर्ट करेंगे इलाज की नई तकनीकों पर डिस्कशन
इंदौर में दो दिनी एक्यूपंक्चर कॉन्फ्रेंस शुरू:देशभर के एक्सपर्ट करेंगे इलाज की नई तकनीकों पर डिस्कशन
इंदौर में एक्यूपंक्चर एसोसिएशन ऑफ इंडिया की दो दिनी नेशनल कॉन्फ्रेंस शनिवार से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई। कॉन्फ्रेंस में लेटेस्ट एडवांसमेंट, ट्रेंड्स और बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में डिस्कशन होगा। इंदौर में यह चौथी कॉन्फ्रेंस है। इस चिकित्सा प्रणाली में काफी डेवलपमेंट हो चुके हैं। इस बार कॉन्फ्रेंस में आधुनिक लेजर तकनीक, कॉस्मैटिक्स, इलेक्ट्रो ऐक्यूपंक्चर, डाइग्नोसिस, वेगा टेस्ट जैसी कई अन्य टेक्नीक के बारे में एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। कॉन्फ्रेंस से पहले 2 दिन प्री कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप भी आयोजित की गई। इसमें 5 दिसंबर को कॉस्मैटिक्स एक्यूपंक्चर और 6 दिसंबर को थ्री नीडल एक्यूपंक्चर थैरेपी पर फोकस किया गया। साथ ही इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर डायग्नोसिस वेगा टेस्ट जैसी कई अन्य टेक्नीक के बारे में विस्तार से बताया गया। ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ.निलेश पटेल ने बताया कि ऐक्यूपंक्चर को 2003 में सरकार से मान्यता मिली थी। सितंबर 2024 में इसे नेशनल अलाइड हेल्थ केयर सिस्टम में शामिल किया गया है। एक्यूपंक्चर को पहले जहां सुई से होने वाले इलाज के तौर पर देखा जाता था, वहीं अब इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग होने लगा है। अब लेजर का इस्तेमाल कर पेशेंट का इलाज किया जा रहा है। इसके काफी पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा इस विधा का उपयोग कॉस्मैटिक ट्रिटमैंट के साथ-साथ कई प्रकार के जटिल रोगों के इलाज में भी किया जा रहा है।
इंदौर में एक्यूपंक्चर एसोसिएशन ऑफ इंडिया की दो दिनी नेशनल कॉन्फ्रेंस शनिवार से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई। कॉन्फ्रेंस में लेटेस्ट एडवांसमेंट, ट्रेंड्स और बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में डिस्कशन होगा। इंदौर में यह चौथी कॉन्फ्रेंस है। इस चिकित्सा प्रणाली में काफी डेवलपमेंट हो चुके हैं। इस बार कॉन्फ्रेंस में आधुनिक लेजर तकनीक, कॉस्मैटिक्स, इलेक्ट्रो ऐक्यूपंक्चर, डाइग्नोसिस, वेगा टेस्ट जैसी कई अन्य टेक्नीक के बारे में एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। कॉन्फ्रेंस से पहले 2 दिन प्री कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप भी आयोजित की गई। इसमें 5 दिसंबर को कॉस्मैटिक्स एक्यूपंक्चर और 6 दिसंबर को थ्री नीडल एक्यूपंक्चर थैरेपी पर फोकस किया गया। साथ ही इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर डायग्नोसिस वेगा टेस्ट जैसी कई अन्य टेक्नीक के बारे में विस्तार से बताया गया। ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ.निलेश पटेल ने बताया कि ऐक्यूपंक्चर को 2003 में सरकार से मान्यता मिली थी। सितंबर 2024 में इसे नेशनल अलाइड हेल्थ केयर सिस्टम में शामिल किया गया है। एक्यूपंक्चर को पहले जहां सुई से होने वाले इलाज के तौर पर देखा जाता था, वहीं अब इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग होने लगा है। अब लेजर का इस्तेमाल कर पेशेंट का इलाज किया जा रहा है। इसके काफी पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा इस विधा का उपयोग कॉस्मैटिक ट्रिटमैंट के साथ-साथ कई प्रकार के जटिल रोगों के इलाज में भी किया जा रहा है।