करंट लगने से मां-बेटी की मौत:निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास की चौखट में आ रहे करंट से हुई घटना

जिले के बहादुरपुर कस्बे से पांच किलोमीटर दूर पिपरोदा गांव में शुक्रवार सुबह मां-बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। पिपरोदा के बालमुकुंद गुर्जर ने बताया कि शुक्रवार सुबह गांव के पप्पू आदिवासी की पत्नी गेंदाबाई(35) और बेटी स्वाति(15) वर्ष की मौत हुई है। बताया गया है कि पप्पू आदिवासी को प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। इसी निर्माणाधीन आवास की लोहे की चौखट में करंट आ रहा था। पप्पू की बेटी आवास की तराई कर रही थी, करंट लगने से वह चिल्लाई तो उसे बचाने के लिए रोटियां सेंक रही गेंदाबाई मौके पर पहुंची। जिसने बेटी को पकड़ा तो उसे भी करंट लगा, इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। रास्ते से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने दोनों को अचेतावस्था में देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस का 100 नम्बर वाहन कच्चे रास्ते में फंस गया। ऐसे में दोनों मृतकों को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर जयसिंह तोमर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया है कि मृतक महिला के कुल चार बच्चे हैं। जिनमें स्वाति सबसे बड़ी थी। जब मृतकों को अस्पताल लाया गया तो छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह बिलख रहे थे।

जिले के बहादुरपुर कस्बे से पांच किलोमीटर दूर पिपरोदा गांव में शुक्रवार सुबह मां-बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। पिपरोदा के बालमुकुंद गुर्जर ने बताया कि शुक्रवार सुबह गांव के पप्पू आदिवासी की पत्नी गेंदाबाई(35) और बेटी स्वाति(15) वर्ष की मौत हुई है। बताया गया है कि पप्पू आदिवासी को प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। इसी निर्माणाधीन आवास की लोहे की चौखट में करंट आ रहा था। पप्पू की बेटी आवास की तराई कर रही थी, करंट लगने से वह चिल्लाई तो उसे बचाने के लिए रोटियां सेंक रही गेंदाबाई मौके पर पहुंची। जिसने बेटी को पकड़ा तो उसे भी करंट लगा, इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। रास्ते से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने दोनों को अचेतावस्था में देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस का 100 नम्बर वाहन कच्चे रास्ते में फंस गया। ऐसे में दोनों मृतकों को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर जयसिंह तोमर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया है कि मृतक महिला के कुल चार बच्चे हैं। जिनमें स्वाति सबसे बड़ी थी। जब मृतकों को अस्पताल लाया गया तो छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह बिलख रहे थे।