गुना में नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:गला घोंटने जैसे निशान मिले; तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम

गुना की चौधरन कॉलोनी में रहने वाले एक नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके गले पर गला घोंटने जैसे निशान हैं। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसके माता पिता बाहर गए थे। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार अनुपम जैन प्राइवेट बैंक में नौकरी करते हैं। वह ऑडिट ऑफिसर हैं। उन्होंने बताया कि इस कारण उन्हें अक्सर शहर से बाहर जाना पड़ता है। वह चौधरन कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। बेटा अभ्युदय जैन(15) कक्षा 8 में पड़ता था। अनुपम ने अपना ट्रांसफर भोपाल करा लिया था और वहीं पर बच्चे का एडमिशन कराने की प्रक्रिया भी कर रहे थे। शुक्रवार को वह बैंक के काम से शहर से बाहर गए हुए थे। वहीं शाम के समय उनकी पत्नी भी शहर में ही चली गई, घर में बेटा अभ्युदय अकेला ही था। माता-पिता बाहर गए थे बच्चे के एग्जाम चल रहे थे, इसलिए वह घर पर ही पढ़ाई कर रहा था। शाम 7 बजे के आसपास जब वह वापस लौटीं, तो घर का दरवाजा बंद था। उन्होंने कई बार डोर बेल बजाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने मकान मालिक से दूसरी चाबी लेकर घर का दरवाजा खोला। वह ऊपर अपने कमरे में गईं, तो बेटा अभ्युदय बदहवास हालत में पड़ा हुआ था। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उन्होंने मकान मालिक और पड़ोसियों को बुलाया। वह सभी लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के गले पर निशान हैं। वहीं उसके गले पर दुपट्टा भी कसा हुआ था। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पीएम शनिवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने उसका पीएम किया। कोतवाली प्रभारी ब्रजमोहन भदौरिया ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। स्पोर्ट्स में थी रुचि बच्चे के पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि बच्चा काफी हंसमुख था। वह कभी परेशान नहीं दिखा। रोजाना सुबह वह मंदिर जाता था। जो भी रास्ते में मिलता, वह उन्हें प्रणाम करता था। पढ़ने में भी वह काफी होशियार था। स्पोर्ट्स में भी उसकी काफी रुचि थी। क्रिकेट, बैडमिंटन सहित कई खेल वह खेलता था। उसे देखकर कभी भी ऐसा नहीं लगा कि उसे कोई परेशानी हो।

गुना में नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:गला घोंटने जैसे निशान मिले; तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
गुना की चौधरन कॉलोनी में रहने वाले एक नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके गले पर गला घोंटने जैसे निशान हैं। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसके माता पिता बाहर गए थे। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार अनुपम जैन प्राइवेट बैंक में नौकरी करते हैं। वह ऑडिट ऑफिसर हैं। उन्होंने बताया कि इस कारण उन्हें अक्सर शहर से बाहर जाना पड़ता है। वह चौधरन कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। बेटा अभ्युदय जैन(15) कक्षा 8 में पड़ता था। अनुपम ने अपना ट्रांसफर भोपाल करा लिया था और वहीं पर बच्चे का एडमिशन कराने की प्रक्रिया भी कर रहे थे। शुक्रवार को वह बैंक के काम से शहर से बाहर गए हुए थे। वहीं शाम के समय उनकी पत्नी भी शहर में ही चली गई, घर में बेटा अभ्युदय अकेला ही था। माता-पिता बाहर गए थे बच्चे के एग्जाम चल रहे थे, इसलिए वह घर पर ही पढ़ाई कर रहा था। शाम 7 बजे के आसपास जब वह वापस लौटीं, तो घर का दरवाजा बंद था। उन्होंने कई बार डोर बेल बजाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने मकान मालिक से दूसरी चाबी लेकर घर का दरवाजा खोला। वह ऊपर अपने कमरे में गईं, तो बेटा अभ्युदय बदहवास हालत में पड़ा हुआ था। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उन्होंने मकान मालिक और पड़ोसियों को बुलाया। वह सभी लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के गले पर निशान हैं। वहीं उसके गले पर दुपट्टा भी कसा हुआ था। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पीएम शनिवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने उसका पीएम किया। कोतवाली प्रभारी ब्रजमोहन भदौरिया ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। स्पोर्ट्स में थी रुचि बच्चे के पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि बच्चा काफी हंसमुख था। वह कभी परेशान नहीं दिखा। रोजाना सुबह वह मंदिर जाता था। जो भी रास्ते में मिलता, वह उन्हें प्रणाम करता था। पढ़ने में भी वह काफी होशियार था। स्पोर्ट्स में भी उसकी काफी रुचि थी। क्रिकेट, बैडमिंटन सहित कई खेल वह खेलता था। उसे देखकर कभी भी ऐसा नहीं लगा कि उसे कोई परेशानी हो।