चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर पर केस:10 माह तक रुपए जमा करने पर 40% प्रॉफिट का लालच देकर कंपनी भागी
चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर पर केस:10 माह तक रुपए जमा करने पर 40% प्रॉफिट का लालच देकर कंपनी भागी
इंदौर में 10 माह तक रुपए जमा करने के बाद 40% का प्रॉफिट देने की बात पर चिटफंड कंपनी के मालिक ने धोखाधड़ी की। आरोपी 2014 में कंपनी बंद कर भाग गए थे। महाराष्ट्र में रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने इंदौर आने के बाद इसकी शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में चिटफंड कंपनी के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। विजयनगर पुलिस ने बताया कि देवकुमार पुत्र अरविंद कुमार राय, निवासी अंविता नगर की शिकायत पर पुलिस ने चिटफंड कंपनी GND (India) Limited के ऑफिस नंबर 10-12, सेकंड फ्लोर, मेट्रो टावर, मंगल सिटी माल के पास स्थित डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। देवकुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इंदौर के रहने वाले हैं और वर्तमान में पुणे में रहते हैं। हाल ही में जब वह इंदौर आए, तो उन्हें पता चला कि उन्होंने इस कंपनी में एफडी कराई थी। जब वह ऑफिस पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उक्त कंपनी 2014 में यहां से चली गई थी। 40% फायदा पहुंचाने का दिया था लालच देवकुमार ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर ने उन्हें बताया था कि 5800 रुपए प्रति माह से 10 माह तक रुपए जमा कराए जाएं, जिसके बदले एक साल बाद 40% का लाभ मिलेगा। वह कुछ समय बाद पुणे चले गए। इसी बीच कंपनी बंद हो गई। देवकुमार ने इस मामले में वरिष्ठ अफसरों को शिकायत की, जिसके बाद कंपनी के डायरेक्टर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। देवकुमार के मुताबिक कंपनी ने उन्हें रसीदें और अन्य दस्तावेज भी दिए थे, जो उन्होंने पुलिस को जांच के लिए सौंपे हैं।
इंदौर में 10 माह तक रुपए जमा करने के बाद 40% का प्रॉफिट देने की बात पर चिटफंड कंपनी के मालिक ने धोखाधड़ी की। आरोपी 2014 में कंपनी बंद कर भाग गए थे। महाराष्ट्र में रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने इंदौर आने के बाद इसकी शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में चिटफंड कंपनी के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। विजयनगर पुलिस ने बताया कि देवकुमार पुत्र अरविंद कुमार राय, निवासी अंविता नगर की शिकायत पर पुलिस ने चिटफंड कंपनी GND (India) Limited के ऑफिस नंबर 10-12, सेकंड फ्लोर, मेट्रो टावर, मंगल सिटी माल के पास स्थित डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। देवकुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इंदौर के रहने वाले हैं और वर्तमान में पुणे में रहते हैं। हाल ही में जब वह इंदौर आए, तो उन्हें पता चला कि उन्होंने इस कंपनी में एफडी कराई थी। जब वह ऑफिस पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उक्त कंपनी 2014 में यहां से चली गई थी। 40% फायदा पहुंचाने का दिया था लालच देवकुमार ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर ने उन्हें बताया था कि 5800 रुपए प्रति माह से 10 माह तक रुपए जमा कराए जाएं, जिसके बदले एक साल बाद 40% का लाभ मिलेगा। वह कुछ समय बाद पुणे चले गए। इसी बीच कंपनी बंद हो गई। देवकुमार ने इस मामले में वरिष्ठ अफसरों को शिकायत की, जिसके बाद कंपनी के डायरेक्टर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। देवकुमार के मुताबिक कंपनी ने उन्हें रसीदें और अन्य दस्तावेज भी दिए थे, जो उन्होंने पुलिस को जांच के लिए सौंपे हैं।