चिड़ीखों अभयारण्य में हुआ 'अनुभूति' कार्यक्रम:वन मंत्री बोले- देश में सबसे बड़ा वन क्षेत्र MP का, स्टूडेंट्स ने नेचर कैंप का अनुभव किया

राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ स्थित चिड़ीखों वन्य प्राणी अभयारण्य में मंगलवार को वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम 'अनुभूति 2024-25' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री नारायण सिंह पंवार ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा वन क्षेत्र होने का गौरव रखता है, जो देश के कुल वन क्षेत्र का 12.30 प्रतिशत है। मंत्री पंवार ने बताया कि मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। वर्ष 1973 से यह अधिनियम प्रभावी है। उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करती है। स्टूडेंट्स ने लिया भाग कार्यक्रम में ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयी छात्रों ने भाग लिया, जिन्हें नेचर कैंप और अभयारण्य भ्रमण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई। मंत्री ने बच्चों को बताया कि मध्यप्रदेश बाघों, तेंदुओं, गिद्धों और घड़ियालों का घर है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया है। कार्यक्रम में डीएफओ बेनी प्रसाद सहित कई अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। मंत्री ने वनों, नदियों और पहाड़ों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जैव विविधता का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देखें कार्यक्रम के दौरान ली गई तस्वीरें...

चिड़ीखों अभयारण्य में हुआ 'अनुभूति' कार्यक्रम:वन मंत्री बोले- देश में सबसे बड़ा वन क्षेत्र MP का, स्टूडेंट्स ने नेचर कैंप का अनुभव किया
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ स्थित चिड़ीखों वन्य प्राणी अभयारण्य में मंगलवार को वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम 'अनुभूति 2024-25' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री नारायण सिंह पंवार ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा वन क्षेत्र होने का गौरव रखता है, जो देश के कुल वन क्षेत्र का 12.30 प्रतिशत है। मंत्री पंवार ने बताया कि मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। वर्ष 1973 से यह अधिनियम प्रभावी है। उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करती है। स्टूडेंट्स ने लिया भाग कार्यक्रम में ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयी छात्रों ने भाग लिया, जिन्हें नेचर कैंप और अभयारण्य भ्रमण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई। मंत्री ने बच्चों को बताया कि मध्यप्रदेश बाघों, तेंदुओं, गिद्धों और घड़ियालों का घर है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया है। कार्यक्रम में डीएफओ बेनी प्रसाद सहित कई अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। मंत्री ने वनों, नदियों और पहाड़ों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जैव विविधता का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देखें कार्यक्रम के दौरान ली गई तस्वीरें...