धार में 'अपार' आईडी निर्माण की प्रक्रिया धीमी:4 लाख से ज्यादा का टारगेट, 1.32लाख ही बन पाई; आधार में गलतियां मुख्य वजह
धार में 'अपार' आईडी निर्माण की प्रक्रिया धीमी:4 लाख से ज्यादा का टारगेट, 1.32लाख ही बन पाई; आधार में गलतियां मुख्य वजह
धार में विद्यार्थियों के लिए बनाई जा रही 'ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' (अपार) आईडी निर्माण की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। जिले की 4 हजार 263 सरकारी शालाओं में 4.66 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी बननी है, लेकिन अब तक केवल 1.32 लाख आईडी ही जनरेट हो पाई हैं। इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड में मौजूद छोटी-छोटी त्रुटियों की है। कई मामलों में विद्यार्थियों के नाम की वर्तनी अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती, सरनेम गायब है, या फिर पते में विसंगतियां हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने में हफ्तों का समय लग रहा है। थंब प्रिंट मिलान में हो रही समस्याएं
मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए ये प्रक्रिया और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि उनके अभिभावक समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों के थंब प्रिंट का मिलान भी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि समग्र आईडी और बैंक खातों में सरनेम मौजूद है, लेकिन आधार में ये नहीं है। धीमी गति के कारण नहीं हो रहा समाधान
आधार सुधार केंद्रों की कमी भी इस प्रक्रिया को और जटिल बना रही है। पहले स्कूली मार्कशीट के आधार पर सुधार किया जाता था, लेकिन अब ये प्रक्रिया और कठिन हो गई है। बीआरसी, बीईओ और स्कूल प्रबंधन लगातार इस समस्या के समाधान में जुटे हैं, लेकिन गति बहुत धीमी है।
धार में विद्यार्थियों के लिए बनाई जा रही 'ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' (अपार) आईडी निर्माण की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। जिले की 4 हजार 263 सरकारी शालाओं में 4.66 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी बननी है, लेकिन अब तक केवल 1.32 लाख आईडी ही जनरेट हो पाई हैं। इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड में मौजूद छोटी-छोटी त्रुटियों की है। कई मामलों में विद्यार्थियों के नाम की वर्तनी अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती, सरनेम गायब है, या फिर पते में विसंगतियां हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने में हफ्तों का समय लग रहा है। थंब प्रिंट मिलान में हो रही समस्याएं
मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए ये प्रक्रिया और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि उनके अभिभावक समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों के थंब प्रिंट का मिलान भी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि समग्र आईडी और बैंक खातों में सरनेम मौजूद है, लेकिन आधार में ये नहीं है। धीमी गति के कारण नहीं हो रहा समाधान
आधार सुधार केंद्रों की कमी भी इस प्रक्रिया को और जटिल बना रही है। पहले स्कूली मार्कशीट के आधार पर सुधार किया जाता था, लेकिन अब ये प्रक्रिया और कठिन हो गई है। बीआरसी, बीईओ और स्कूल प्रबंधन लगातार इस समस्या के समाधान में जुटे हैं, लेकिन गति बहुत धीमी है।