नर्मदा परिक्रमा कर रहे IAS को ग्रामीणों ने रोका:मंडला में बांध सर्वेयर समझकर 3 घंटे तक बनाया बंधक, 31 गांव डूब क्षेत्र में आने से विरोध
नर्मदा परिक्रमा कर रहे IAS को ग्रामीणों ने रोका:मंडला में बांध सर्वेयर समझकर 3 घंटे तक बनाया बंधक, 31 गांव डूब क्षेत्र में आने से विरोध
मंडला जिले में नर्मदा परिक्रमा कर रहे 1998 बैच के एक आईएएस अधिकारी और उनके तीन साथियों को ग्रामीणों ने बांध सर्वेयर समझकर बंधक बना लिया। मोहगांव जनपद के ग्राम ओडारी में यह घटना हुई। परिक्रमावासी जब नर्मदा तट पर पूजन कर रहे थे, तब ग्रामीणों को उन पर प्रस्तावित बसनिया बांध का सर्वे करने का संदेह हुआ। प्रस्तावित बांध विरोध कर रहे हैं स्थानीय लोग ग्राम के पूर्व सरपंच तितरा सिंह मरावी ने बताया कि यहां प्रस्तावित बांध का स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि बिना जानकारी के कोई बाहरी व्यक्ति गांव में अंदर नहीं कर सकता। जब परिक्रमावासी कार से पहुंचे, तो उन्हें रोक लिया गया। मोहगांव थाना प्रभारी वेद राम हनोते ने बताया कि सूचना मिलने पर एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। दरअसल, प्रस्तावित बसनिया बांध से मंडला और डिंडौरी जिले के 31 गांव प्रभावित होंगे और 2700 से अधिक परिवार विस्थापित होने की आशंका है। इसी कारण ग्रामीण इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। पहले भी ग्रामीणों ने बांध सर्वे करने आए लोगों को बंधक बनाया था।
मंडला जिले में नर्मदा परिक्रमा कर रहे 1998 बैच के एक आईएएस अधिकारी और उनके तीन साथियों को ग्रामीणों ने बांध सर्वेयर समझकर बंधक बना लिया। मोहगांव जनपद के ग्राम ओडारी में यह घटना हुई। परिक्रमावासी जब नर्मदा तट पर पूजन कर रहे थे, तब ग्रामीणों को उन पर प्रस्तावित बसनिया बांध का सर्वे करने का संदेह हुआ। प्रस्तावित बांध विरोध कर रहे हैं स्थानीय लोग ग्राम के पूर्व सरपंच तितरा सिंह मरावी ने बताया कि यहां प्रस्तावित बांध का स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि बिना जानकारी के कोई बाहरी व्यक्ति गांव में अंदर नहीं कर सकता। जब परिक्रमावासी कार से पहुंचे, तो उन्हें रोक लिया गया। मोहगांव थाना प्रभारी वेद राम हनोते ने बताया कि सूचना मिलने पर एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। दरअसल, प्रस्तावित बसनिया बांध से मंडला और डिंडौरी जिले के 31 गांव प्रभावित होंगे और 2700 से अधिक परिवार विस्थापित होने की आशंका है। इसी कारण ग्रामीण इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। पहले भी ग्रामीणों ने बांध सर्वे करने आए लोगों को बंधक बनाया था।