सिवनी में तापमान में दो डिग्री की गिरावट:11.6 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, मौसम विभाग ने दी अगले तीन दिनों तक ठंड बढ़ने की चेतावनी
सिवनी में तापमान में दो डिग्री की गिरावट:11.6 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, मौसम विभाग ने दी अगले तीन दिनों तक ठंड बढ़ने की चेतावनी
मकर संक्रांति के अवसर पर शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को यह 13.2 डिग्री था, जो घटकर 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह की ठंड बने रहने की संभावना है। जिला अस्पताल में अलाव की व्यवस्था, अन्य स्थानों पर कमी नगर पालिका ने कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल सहित कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। हालांकि, छिंदवाड़ा चौक, रैन बसेरा, नगर पालिका चौक, बस स्टैंड जैसे कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोग स्वयं लकड़ी का प्रबंध कर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ. विनोद दहायत की चेतावनी: बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक प्रभाव जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद दहायत ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए बताया कि शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों और पांच वर्ष से छोटे बच्चों पर पड़ता है। इसके साथ ही दिव्यांगजन, बेघर व्यक्ति, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगी और खुले क्षेत्र में काम करने वाले छोटे व्यवसायियों को भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने बंद कमरों में हीटर और फायरपॉट के उपयोग से बचने की सलाह दी है। फ्रॉस्टबाइट से बचाव के उपाय फ्रॉस्टबाइट के लक्षण वाले अंगों को मलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अधिक क्षति हो सकती है। शारीरिक तापमान घटने का पहला लक्षण आमतौर पर कंपकंपी होती है, जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसे में तत्काल गर्म स्थान पर जाना चाहिए। विटामिन सी युक्त आहार के लाभ विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक तापमान संतुलित रहे। शीतलहर के दौरान नाक बहना, नाक बंद होना, या नाक से खून आना जैसे लक्षण आमतौर पर पाए जाते हैं। इन लक्षणों के लिए तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार करना चाहिए।
मकर संक्रांति के अवसर पर शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को यह 13.2 डिग्री था, जो घटकर 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह की ठंड बने रहने की संभावना है। जिला अस्पताल में अलाव की व्यवस्था, अन्य स्थानों पर कमी नगर पालिका ने कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल सहित कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। हालांकि, छिंदवाड़ा चौक, रैन बसेरा, नगर पालिका चौक, बस स्टैंड जैसे कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोग स्वयं लकड़ी का प्रबंध कर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ. विनोद दहायत की चेतावनी: बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक प्रभाव जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद दहायत ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए बताया कि शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों और पांच वर्ष से छोटे बच्चों पर पड़ता है। इसके साथ ही दिव्यांगजन, बेघर व्यक्ति, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगी और खुले क्षेत्र में काम करने वाले छोटे व्यवसायियों को भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने बंद कमरों में हीटर और फायरपॉट के उपयोग से बचने की सलाह दी है। फ्रॉस्टबाइट से बचाव के उपाय फ्रॉस्टबाइट के लक्षण वाले अंगों को मलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अधिक क्षति हो सकती है। शारीरिक तापमान घटने का पहला लक्षण आमतौर पर कंपकंपी होती है, जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसे में तत्काल गर्म स्थान पर जाना चाहिए। विटामिन सी युक्त आहार के लाभ विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक तापमान संतुलित रहे। शीतलहर के दौरान नाक बहना, नाक बंद होना, या नाक से खून आना जैसे लक्षण आमतौर पर पाए जाते हैं। इन लक्षणों के लिए तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार करना चाहिए।