आरजीपीवी कर्मचारियों का धरना 15वें दिन भी जारी:मांगें न माने जाने पर सद्बुद्धि यज्ञ करने की चेतावनी

मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) कर्मचारी समिति के स्थाई और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का धरना सचिव कार्यालय के सामने 15वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को चेताया। मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई करना शामिल है। साथ ही श्रेणी परिवर्तन, नियमितीकरण का लाभ, सरकारी कर्मचारियों के समान मेडिकल सुविधा और अवकाश सुविधा की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष इन मांगों को रखा गया है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। धरने में अमर अहिरे, जगदीश शर्मा, संतोष सूर्यवंशी, विजय रैकवार, शाजली इज़हार सहित दर्जनों कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए, तो वे प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे।

आरजीपीवी कर्मचारियों का धरना 15वें दिन भी जारी:मांगें न माने जाने पर सद्बुद्धि यज्ञ करने की चेतावनी
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) कर्मचारी समिति के स्थाई और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का धरना सचिव कार्यालय के सामने 15वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को चेताया। मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई करना शामिल है। साथ ही श्रेणी परिवर्तन, नियमितीकरण का लाभ, सरकारी कर्मचारियों के समान मेडिकल सुविधा और अवकाश सुविधा की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष इन मांगों को रखा गया है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। धरने में अमर अहिरे, जगदीश शर्मा, संतोष सूर्यवंशी, विजय रैकवार, शाजली इज़हार सहित दर्जनों कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए, तो वे प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे।