मप्र विधानसभा बजट सत्र की तैयारी:सीहोर कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सटीक और तत्कार उत्तर भेजने के निर्देश
मप्र विधानसभा बजट सत्र की तैयारी:सीहोर कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सटीक और तत्कार उत्तर भेजने के निर्देश
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 से 24 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा से प्राप्त प्रश्नों का उत्तर तत्काल और सटीक जानकारी के साथ भेजना होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख और प्रभारी अधिकारी की होगी। राजस्व विभाग से जुड़े प्रश्नों के लिए अपर कलेक्टर वृन्दावन सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सत्र के दौरान कोई भी अधिकारी कलेक्टर और नोडल अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश नहीं ले सकेंगे। बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। शासकीय अवकाश में भी मुख्यालय छोड़ने से पहले स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। सभी जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विधानसभा से संबंधित पत्राचार के लिए जिम्मेदार होंगे। पिछले सत्र के लंबित प्रश्नों के उत्तर 7 दिनों के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन करने को कहा है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 से 24 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा से प्राप्त प्रश्नों का उत्तर तत्काल और सटीक जानकारी के साथ भेजना होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख और प्रभारी अधिकारी की होगी। राजस्व विभाग से जुड़े प्रश्नों के लिए अपर कलेक्टर वृन्दावन सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सत्र के दौरान कोई भी अधिकारी कलेक्टर और नोडल अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश नहीं ले सकेंगे। बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। शासकीय अवकाश में भी मुख्यालय छोड़ने से पहले स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। सभी जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विधानसभा से संबंधित पत्राचार के लिए जिम्मेदार होंगे। पिछले सत्र के लंबित प्रश्नों के उत्तर 7 दिनों के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन करने को कहा है।